Warning: sprintf(): Too few arguments in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/themes/default-mag/assets/libraries/breadcrumb-trail/inc/breadcrumbs.php on line 254

शनि जयंती आज/ रोम में चौथी शताब्दी से पूजे जा रहे हैं शनि, भारत के बाहर यहीं है सबसे प्राचीन शनि मंदिर

  • ग्रीक देवता क्रोनास और शनि के बीच कई समानताएं
  • हर साल 17 दिसंबर को शनि का उत्सव मनाया जाता है
  • आज भी मंदिर में मौजूद हैं शनि के प्रतीक 8 मुख्य स्तंभ

आज शनि जयंती है। शनि सूर्य पुत्र हैं और नौ ग्रहों में से एक हैं। भारत में तो शनि मंदिर हैं ही, लेकिन सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक रोम में भी शनि को वैसे ही पूजा जाता है। रोम में आज भी चौथी शताब्दी का एक शनि मंदिर है। यहां इन्हें कृषि का देवता माना गया है। हर साल शनि का एक विशेष उत्सव 17 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसे सैटर्नालिया कहते हैं। मंदिर के मुख्य हिस्से में उस काल के 8 विशाल स्तंभ मौजूद हैं।

भारतीय ज्योतिष में शनिदेव को न्यायाधीश माना गया है। एनशिएंट हिस्ट्री इनसाइक्लोपीडिया के मुताबिक पुराने समय में शनि को रोमन देवता माना जाता था। सेटर्न के चित्रों में उन्हें कृषि का देवता दर्शाया जाता था। इनके नाम पर रखा जाने वाला सैटर्नालिया त्योहार रोमन कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण था। 4थीं शताब्दी से ही यहां शनि से जुड़े उत्सव और नई फसलों के आने पर उनका आभार जताने की परंपरा रही है। कई ऐतिहासिक पुस्तकों में इसका जिक्र मिलता है।

आज भी स्थित हैं मंदिर के विशाल स्तंभ

सैटर्न मंदिर रोम के रोमन फोरम के उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित है। ये चौथी शताब्दी का मंदिर है। इतना पुराना मंदिर होने के बाद भी यहां आज भी विशाल स्तंभ खड़े हैं। शनि के सम्मान में ये मंदिर बनाया गया था। उस समय ये प्राचीन पंथ का प्रतीक था। यहां कई शाही आयोजन किए जाते थे। इनसाइक्लोपीडिया के मुताबिक ये मंदिर रोम के उत्तर-पश्चिमी फोरम में स्थित है।

अब बचे हैं मंदिर के अवशेष

ये मंदिर कई सदियों पुराना है। अब यहां सिर्फ अवशेष ही बचे हैं। यहां मंदिर के मुख्य हिस्से में 8 स्तंभ दिखाई देते हैं। इन खंबों के किनारों को मिस्र के ग्रेनाइट से बनाया गया था। इनके संबंध में इतिहास के अलग-अलग संकेत मिलते हैं। थेशियन संगमरमर से मंदिर के कुछ भाग बनाए गए थे। यहां प्राचीन शैली की नक्काशी देखी जा सकती है। मंदिर का कई बार जिर्णोद्धार हुआ है। उस काल में अलग-अलग शासकों ने समय-समय पर यहां निर्माण करवाया था।

ग्रीक देवता क्रोनास और सेटर्न को माना जाता था एक ही

पुराने समय में ग्रीक देवता क्रोनास और रोम के देवता सेटर्न को एक ही माना जाता था। उस समय दिसंबर में क्रोनास और सेटर्न के सम्मान में यहां विशेष उत्सव मनाए जाते थे। लोग एक-दूसरे को उपहार देते थे। ये पर्व कई दिनों तक चलते थे। आज भी रोम में 17 दिसंबर से शनि का विशेष उत्सव मनाया जाता है।

ग्रीक और रोमन कथाएं एक-दूसरे से जुड़ी हैं

पुराने समय की ग्रीक और रोमन कथाएं एक-दूसरे जुड़ी थीं। इन दोनों की मान्यताओं में देवी-देवताओं के नाम अलग-अलग होते थे, लेकिन कई समानताएं थीं। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि ग्रीक धर्म का प्रभाव बढ़ने से बहुत पहले शनि रोमन पौराणिक कथाओं में मौजूद थे। रोमन में शनि या सेटर्नस और ग्रीक देवता क्रोनास दोनों एक ही माना जाता था।

Next Post

मजदूर पलायन / सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आज 17 विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक, उद्धव ठाकरे पहली बार शामिल होंगे; केजरीवाल हिस्सा नहीं लेंगे

Fri May 22 , 2020
विपक्षी दलों की बैठक में प्रवासी मजदूरों की मौजूदा स्थिति और राहत पैकेज पर चर्चा होगी बसपा प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश के शामिल होने पर संशय नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुआई में शुक्रवार को 17 विपक्षी पार्टियों के नेताओं की मजदूरों के पलायन और राहत पैकेज के मुद्दे पर अहम बैठक होगी। बैठक दोपहर तीन बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होंगे। उद्धव ने कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से महाराष्ट्र में सरकार बनाई है। […]

Breaking News


Notice: Undefined index: efbl_enable_popup in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 455

Notice: Undefined index: efbl_enabe_if_home in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 459

Notice: Undefined index: efbl_enabe_if_login in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 471

Notice: Undefined index: efbl_enabe_if_login in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 479

Notice: Undefined index: efbl_enabe_if_not_login in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 488

Notice: Undefined index: efbl_do_not_show_on_mobile in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 496

Notice: Undefined index: efbl_enable_popup in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/views/public.php on line 25

Notice: Undefined index: efbl_enable_popup in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 455

Notice: Undefined index: efbl_enabe_if_home in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 459

Notice: Undefined index: efbl_enabe_if_login in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 471

Notice: Undefined index: efbl_enabe_if_login in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 479

Notice: Undefined index: efbl_enabe_if_not_login in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 488

Notice: Undefined index: efbl_do_not_show_on_mobile in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/easy-facebook-likebox.php on line 496

Notice: Undefined index: efbl_enable_popup in /home/jagrukjanta/public_html/wp-content/plugins/easy-facebook-likebox/public/views/public.php on line 25

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home/jagrukjanta/public_html/wp-includes/functions.php on line 4552