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  • संसद के एंट्री पॉइंट पर टेम्प्रेचर चेक हुआ, सभी की कोविड टेस्ट रिपोर्ट देखी गई, निगेटिव होने पर ही अंदर जाने की परमिशन दी गई
  • सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के 12 सांसदों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, वाईआरएस कांग्रेस के 2 और शिवसेना, डीएमके व आरएलपी के एक-एक सांसद हैं

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच 17वीं लोकसभा का चौथा सत्र सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन सब कुछ बदला-बदला नजर आया। संसद परिसर में एंट्री से लेकर सदन की कार्यवाही तक में कोरोना का असर देखा गया। प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद से लेकर संसद के कर्मचारी और सिक्योरिटी स्टाफ फेस मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते दिखे। संसद के एंट्री पॉइंट पर टेम्प्रेचर चेक किया गया। सभी की कोविड टेस्ट की रिपोर्ट देखी गई। निगेटिव होने के बाद ही अंदर जाने की परमिशन दी गई। सत्र की शुरुआत के पहले करीब 4000 लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ। इनमें सांसद, उनके स्टाफ, संसद के कर्मचारी और सिक्योरिटी पर्सनल भी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच में अब तक17 सांसदों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें सबसे ज्यादा 12 सांसद भाजपा के हैं। वाईआरएस कांग्रेस के दो और शिवसेना, डीएमके और आरएलपी के एक-एक सांसद हैं।

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क्या बदला नजर आया?

  • सिटिंग अरेंजमेंट: लोकसभा में सिर्फ 200 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। 30 सदस्य गैलरी में बैठे थे। लोकसभा में ही एक बड़ा स्क्रीन लगाया गया है, जिसके माध्यम से राज्यसभा में बैठे लोकसभा के सदस्य भी नजर आ रहे थे। बाकी सदस्य राज्यसभा में बैठे। ऐसे ही राज्यसभा में बैठे सदस्य स्क्रीन के जरिए लोकसभा की कार्यवाही देख रहे थे।
  • प्रश्नकाल नहीं हुआ: पहली बार लोकसभा की कार्यवाही में प्रश्नकाल नहीं हुआ। विपक्ष ने इस हंगामा किया और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया।
  • बैठकर बोलने की अनुमति दी गई: लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सांसदों को अपनी सीट पर बैठकर बोलने की अनुमति दी। चार घंटे की कार्यवाही में सभी सांसदों ने बैठकर सवाल-जवाब किए।
  • दो गज की दूरी बनाकर बैठे: सभी सांसद मास्क और ग्लव्स पहने नजर आए। दो गज की दूरी बनाकर सांसद बैठे थे।

कांग्रेस ने कहा- आप लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कर रहे हैं

  • प्रश्नकाल नहीं होने से हंगामा हुआ। कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि प्रश्नकाल सदन की कार्यवाही का अहम हिस्सा है। यह गोल्डन आवर्स है, लेकिन आप कह रहे हैं कि विशेष परिस्थितियों की वजह से इसे नहीं करा सकते हैं। दरअसल, आप लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कर रहे हैं।
  • एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार ने हमारे सवाल पूछने का अधिकार छीन लिया है। विपक्ष के अन्य सदस्यों ने भी कहा कि प्रश्नकाल होना जरूरी है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि प्रश्नकाल संसदीय प्रणाली के मूलभूत ढांचे से जुड़ा है। इसका प्रमुख अंग है।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रश्नकाल के मुद्दे पर सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि असाधारण परिस्थितियों में संसद की कार्यवाही हमको करनी पड़ रही है। चार घंटे के लिए सदन चलेगा। मैंने अपील की थी कि इसमें प्रश्नकाल न हो। आधे घंटे का एक जीरो आवर हो।
  • मोदी बोले- सीमा पर जवान मुस्तैद, पूरी संसद और देश उनके साथ है
  • लोकसभा की शुरू होने के पहले सुबह संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बात की। मोदी ने कहा, ‘आज जब हमारी सेना के वीर जवान सीमा पर डटे हुए हैं। हिम्मत के साथ, जज्बे के साथ, बुलंद हौसलों के साथ, दुर्गम पहाड़ियों में डटे हुए हैं। कुछ समय के बाद बर्फबारी भी शुरू होगी। ऐसे वक्त में संसद से एक भाव, एक सुर से ये आवाज आनी चाहिए कि देश और पूरा सदन उनके साथ खड़ा है। कोरोना के दौर में जब तक दवाई नहीं, तब तक कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए।’

उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि दुनिया के किसी कोने में वैक्सीन बने और हम सभी को मिले।’ उन्होंने कहा, ‘मुश्किल दौर में संसद का सत्र शुरू हो रहा है। एक तरफ कोरोना है और दूसरी तरफ कर्तव्य। सांसदों ने कर्तव्य का पथ चुना है। मैं उन्हें धन्यवाद और बधाई देता हूं।’

मानसून सत्र की खास बातें

  1. इस बार सत्र के दौरान 18 दिन लगातार कार्यवाही चलेगी। कोई छुट्टी नहीं होगी। शनिवार और रविवार को भी काम होगा। आमतौर पर दोनों सदनों में एक साथ काम होता है, लेकिन इस बार दो शिफ्ट में होगा।
  2. लोकसभा आज सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे चलेगी। इसके बाद 15 सितंबर से एक अक्टूबर तक लोकसभा दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। वहीं, राज्यसभा सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी।
  3. मानसून सत्र में 47 विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें 11 विधेयक ऐसे होंगे जो अध्यादेश की जगह लेंगे।

सत्र से पहले 5 सांसदों को कोरोना, 9 दूसरे सांसद भी नहीं पहुंचे
सत्र से पहले सभी सांसदों की कोरोना जांच की गई, जिनमें 5 सांसदों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। तृणमूल कांग्रेस के 7 सांसद भी सत्र में हिस्सा नहीं ले रहे। इनमें राज्यसभा के मुख्य सचेतक सुखेंदु शेखर राय भी शामिल हैं। भाजपा के 2 सांसद भी नहीं आएंगे।

संक्रमण फैलने से रोकने के लिए क्या इंतजाम?
संक्रमण फैलने से रोकने के लिए 6 बार रोज एसी बदले जाएंगे। सांसदों को कोरोना से बचाव के लिए डीआरडीओ की किट मिलेगी। हर किट में 40 डिस्पोजल मास्क, एन95 मास्क, सैनिटाइजर की 20 बोतलें, 40 ग्लब्ज और दरवाजा बंद करने के लिए टच फ्री हुक्स होंगे।

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