FLASH NEWS
FLASH NEWS
Thursday, December 03, 2020

आयुर्वेद के डॉक्टर भी अब कर सकेंगे सर्जरी, केंद्र सरकार से मिली हरी झंडी, पढ़े पूरी खबर

Advertisements
Advertisements

Advertisements
Advertisements

नई दिल्ली । आयुर्वेद के डॉक्टर भी अब जनरल और ऑर्थोपेडिक सर्जरी के साथ आंख, कान और गले की सर्जरी कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि स्नातकोत्तर (पीजी) के विद्यार्थियों को विभिन्न सर्जरी के बारे में गहन जानकरी दी जाएगी।

आयुर्वेद के विद्यार्थियों को अभी सर्जरी की शिक्षा दी जाती थी, लेकिन उनके सर्जरी करने के अधिकारों को सरकार की ओर से स्पष्ट नहीं किया गया था। सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब आयुर्वेद के सर्जरी में पीजी करने वाले छात्रों को आंख, नाक, कान, गले के साथ ही जनरल सर्जरी के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। इन छात्रों को स्तन की गांठों, अल्सर, मूत्रमार्ग के रोगों, पेट से बाहरी तत्वों की निकासी, ग्लुकोमा, मोतियाबिंद हटाने और कई सर्जरी करने का अधिकार होगा।

मील का पत्थर है यह पहल’
केंद्र सरकार के आयुर्वेद के पूर्व सलाहकार डॉ. एस.के. शर्मा ने इस पहल को मील का पत्थर करार दिया है। उनका कहना है कि इससे देश में कुशल सर्जन की कमी दूर होगी। साथ ही, देश के दूरदराज इलाकों के मरीजों को भी उच्च स्तर का इलाज मिल सकेगा।

‘झोलाछाप डॉक्टरों को बढ़ावा मिलेगा’

हालांकि, दिल्ली मेडिकल असोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल बंसल का कहना है कि इससे झोलाछाप डॉक्टरों को बढ़ावा मिलेगा और मरीजों के लिए संकट पैदा होगा। वहीं, डॉ. शर्मा कहना है कि आयुर्वेद के विद्यार्थियों को प्रसव, गर्भपात, गर्भाशय की सर्जरी का भी अधिकार दिया जाना चाहिए।

Advertisements
Advertisements
Advertisements