जिला कलक्टर नमित मेहता का किया कोरोना वोरियर्स सम्मान

Advertisements
Advertisements

Advertisements

बीकानेर@जागरूक जनता। दाताश्री रामेश्वरानंद महाराज के सान्निध्य में बीकानेर जिला उद्योग संघ एवं बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल द्वारा जिला कलक्टर नमित मेहता का कोरोना वोरियर्स के रूप में शक्ति स्वरूपा माँ करणी की प्रतिमा भेंट कर सम्मान किया। दाताश्री रामेश्वरानंद महाराज ने बताया कि आज लगभग कोरोना महामारी खत्म होने के कगार पर आ चुकी है और निश्चय ही जिला प्रशासन के प्रयासों से शीघ्र ही हम इस महामारी पर विजय प्राप्त कर लेंगे। बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लगे लोकडाऊन के समय सभी औद्योगिक व व्यापारिक संगठनों ने जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया जिसका नतीजा यह रहा कि आज महामारी लगभग नियंत्रण में आ चुकी है ।बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल अध्यक्ष जुगल राठी ने बताया कि बीकानेर में अब इस महामारी से बचाव के लिए वेक्सीन भी आ चुकी है और कोरोना नियंत्रण की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा रात्रिकालीन कर्फ्यू हटाना एक स्वागत योग्य कदम है।जिला कलक्टर नमित मेहता ने बताया कि कोरोना काल में शहर के हर नागरिक ने अपने सामर्थ्य अनुसार प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हुए हर उस जरूरतमंद व्यक्ति तक जरूरत का सामान पहुंचाया ताकि वे अपनी दिनचर्या आराम से चला सके। साथ ही बीकानेर की जनता का भी अभी तक सरकारी एडवाइजरी की पालना करते हुए मास्क पहनना, सोसियल डिस्टेंसिंग की पालना करना जैसे प्रभावी कदम उठाए जाने से आज बीकानेर में कोरोना महामारी काफी नियंत्रण में आ चुकी है लेकिन फिर भी जब तक यह महामारी पूर्णतया नष्ट नहीं हो जाती है तब तक हम सभी को कोरोना से बचाव के लिए मास्क, सोसियल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए स्वयं के साथ साथ दूसरों को भी जागरूक करते रहना है इस अवसर पर बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल संरक्षक परिषद के अध्यक्ष अनंतवीर जैन, वीरेंद्र किराडू, सागर गाँव सरपंच रामदयाल गोदारा, दिनेश गहलोत आदि उपस्थित हुए

Advertisements
Advertisements

Next Post

देश से अब मिटने लगा है अस्पृश्यता का कलंक!

Wed Jan 20 , 2021
शिव दयाल मिश्रा हमारे देश में सदियों से अस्पृश्यता चली आ रही है। अब वह मिटने लगी है। हालांकि हमारे शाों में कहीं भी अस्पृश्यता का उल्लेख नहीं मिला है जहां तक मैंने हमारे धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया है। भागवत की कथा में राजा हरिश्चन्द्र का वृतांत आता है जिसमें वह अपने वचन पालन के लिए डोम के घर बिक जाता है तथा उसकी नौकरी करता है। भगवान राम के राज्य में भी छुआछूत नहीं थी। और भी कई उदाहरण ऐसे हैं जिनसे यह साबित होता है कि हमारी संस्कृति में छुआछूत नहीं थी। मगर कालांतर में छुआछूत होने लगी और इसकी वजह से पीडि़त लोगों को काफी पीड़ा भी भोगनी पड़ी। मगर अब अस्पृश्यता धीरे-धीरे समापन की ओर अग्रसर हो रही है जो देश और समाज के लिए जरूरी है। अस्पृश्यता ने हमारे देश और समाज का बहुत […]

Other Stories