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प्रजातंत्र बनाम भीड़तंत्र!

Wed Feb 3 , 2021
प्रजातंत्र में हर आदमी को अपनी बात कहने का हक दिया गया है। मगर इसका यह अर्थ तो कतई नहीं हो सकता कि आप जिद पर ही अड़ जाओ। कुछ झुको और कुछ झुकाओ। इसके बाद अपनी बात बनाओ। यह तो हुआ एक साफ-सुथरा लोकतंत्र। मगर यह राजनीति है ना, इसमें कोई किसी का सगा नहीं है। हालांकि कहते हैं कि राज धर्म से ही चलता है। शिव दयाल मिश्रा प्रजातंत्र में हर आदमी को अपनी बात कहने का हक दिया गया है। मगर इसका यह अर्थ तो कतई नहीं हो सकता कि आप जिद पर ही अड़ जाओ। कुछ झुको और कुछ झुकाओ। इसके बाद अपनी बात बनाओ। यह तो हुआ एक साफ-सुथरा लोकतंत्र। मगर यह राजनीति है ना, इसमें कोई किसी का सगा नहीं है। हालांकि कहते हैं कि राज धर्म से ही चलता है। अगर धर्म नहीं […]