विष्णु पुराण के मुताबिक भगवान विष्णु के बाएं पैर के अंगूठे से निकली है गंगा हिंदू धर्म में गंगा नदी को देवी के रूप में बताया है। बहुत से तीर्थ स्थान गंगा नदी के किनारे पर बसे हैं। जिनमें वाराणसी और हरिद्वार खास हैं। गंगा नदी को भारत की पवित्र नदियों में सबसे पवित्र माना जाता है। साथ ही ये मान्यता भी है कि गंगा में नहाने से इंसान के पाप खत्म हो जाते हैं। मरने के बाद लोग गंगा में अस्थि विसर्जित करना जरूरी समझते हैं। माना जाता है ऐसा करने से मोक्ष मिलता है। इसलिए धार्मिक और मांगलिक कामों में गंगाजल का उपयोग खासतौर से किया जाता है। माना जाता है कि गंगाजल से पीने और छिड़कने से पवित्र हो जाते हैं। गंगा जल को पवित्र मानने के पीछे धार्मिक कारणों के साथ साथ कई वैज्ञानिक तथ्य भी […]

22 सितंबर 2020 को शरद विषुव या शरद संपात (Winter Equinox) दिवस है। आज भू-मध्य रेखा पर सूर्य की किरणें लंबवत पड़ती हैं। इसी कारण सभी जगह 12 घंटे का दिन और 12 घंटे अवधि की रात होगी। हालांकि दिन और रात बराबर होने की बात केवल सिद्धान्तः होती है, वास्तविकता में नहीं। ज्योतिषिय दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। जयपुर. 22 सितंबर 2020 को शरद विषुव या शरद संपात (Winter Equinox) दिवस है। आज भू-मध्य रेखा पर सूर्य की किरणें लंबवत पड़ती हैं। इसी कारण सभी जगह 12 घंटे का दिन और 12 घंटे अवधि की रात होगी। हालांकि दिन और रात बराबर होने की बात केवल सिद्धान्तः होती है, वास्तविकता में नहीं। खगोलविदों के अनुसार पृथ्वी का साढ़े 23 डिग्री तक का झुकाव होने से दिन-रात की लंबाई में परिवर्तन होता है और पृथ्वी पर सूर्य के […]

काले तिल में होते हैं एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम और कार्बोहाइड्रेट जैसे तत्व जो सेहत के लिए होते हैं जरूरी तिल के बिना पितरों का संतुष्ट नहीं किया जा सकता है। इसलिए श्राद्ध के दौरान तर्पण और पिंडदान में तिल का इस्तेमाल होता है। धार्मिक नजरिये से तो तिल खास है ही इनका आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक महत्व भी है। काले और सफेद दोनों तरह के तिल का उपयोग पूजा-पाठ, व्रत और औषधि के तौर पर किया जाता है। पद्म पुराण में तो कहा गया है कि तिल जिस पानी में होता है वो अमृत से भी ज्यादा स्वादिष्ट हो जाता है। इसके साथ ही 5 अन्य पुराणों में भी तिल का महत्व बताया गया है। इसके अलावा आयुर्वेद के मुताबिक तिल के तेल से मालिश करने और तिल मिले हुए पानी से नहाने से बीमारियां खत्म होती हैं। इसके अलावा रिसर्च में […]

सितंबर में होने वाली ग्रहों की उथल-पुथल का असर पड़ेगा सभी राशियों पर सितंबर में सभी ग्रहों की चाल में बदलाव होगा। इस महीने सूर्य, बुध, शुक्र और राहु-केतु राशि बदलेंगे। चंद्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलेगा। इनके अलावा मंगल की चाल वक्री होगी। वहीं, बृहस्पति और शनि की चाल मार्गी हो जाएगी। इन ग्रहों के बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ेगा। बहुत कम ही ऐसा होता है जब एक महीने में सभी ग्रहों की चाल बदल जाए। सभी ग्रहों की चाल में परिवर्तन होने से इस महीने कई लोगों के जीवन में बदलाव हो सकते हैं। ​​​ सभी राशियों पर ग्रह-स्थिति का असर सूर्य: सूर्य ग्रह का असर शरीर में पेट, आंखें, दिल, चेहरे और हड्डियों पर होता है। सूर्य के अशुभ प्रभाव से सिरदर्द, बुखार और दिल की बीमारियां होती हैं। इसके शुभ प्रभाव से आत्मविश्वास […]

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और रविवार दिन है। सुबह 08 बजकर 22 मिनट के बाद त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। इस वजह से आज ही प्रदोष व्रत होगा। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव शंकर की विधि विधान से पूजा की जाती है। आज पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल के अलावा सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त और दैनिक राशिफल आदि के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। आज का पंचांग दिन: रविवार, भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष, द्वादशी तिथि। आज का दिशाशूल: पश्चिम। आज का पर्व एवं त्योहार: प्रदोष। आज का राहुकाल: शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तक। विक्रम संवत 2077 शके 1942 दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी 08 घंटे 22 मिनट तक, तत्पश्चात् त्रयोदशी उत्तराआषाढ़ा नक्षत्र 13 घंटे 52 मिनट तक, तत्पश्चात् श्रवण सौभाग्य योग […]

अगले साल तक बन कर तैयार हो जाएगा मंदिर, स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी को बनाने में लगे हैं 400 करोड़ रुपए भारत में पहली बार समानता की बात करने वाले वैष्णव संत रामानुजाचार्य स्वामी के जन्म को 1000 साल पूरे हो चुके हैं। हैदराबाद में रामानुजाचार्य का एक भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। मंदिर की कुल लागत 1000 करोड़ से ज्यादा है। मंदिर की खासियत ये है कि यहां रामानुजाचार्य की दो मूर्तियां होंगी और दोनों ही खास होंगी। पहली मूर्ति अष्टधातु की 216 फीट ऊंची है, जो स्थापित की जा चुकी है, इसे स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी नाम दिया गया है। दूसरी प्रतिमा मंदिर के गर्भगृह में रखी जाएगी, जो 120 किलो सोने से बनी होगी। हैदराबाद से करीब 40 किमी दूर रामनगर में बन रहे इस मंदिर की कई खूबियां हैं। सनातन परंपरा के किसी भी संत के लिए […]

ओणम उत्सव में की जाती है भगवान वामन और पाताल के राजा बलि की पूजा, माना जाता है इस दौरान महाबली अपनी प्रजा से मिलने आते हैं पृथ्वी पर 29 अगस्त को वामन जयंती है। हर साल भाद्रपद महीने के शुक्लपक्ष की द्वादशी तिथि पर वामन प्रकोटत्सव मनाया जाता है। भागवत कथा के आठवें स्कंध के आठरहवें अध्याय की कथा के अनुसार सतयुग में इस दिन भगवान विष्णु ने वामन रूप में अवतार लिया था। ये अवतार श्रीमद्भागवत कथा में बताए गए चौबीस अवतारों में पंद्रहवा था। केरल के कोच्चि में थ्रिक्काकरा में भगवान वामन का मंदिर है। वामन जयंती पर यहां खास पूजा की जाती है और इसके बाद ओणम पर्व की शुरुआत होती है। यहां के लोगों का मानना है कि ओणम उत्सव के दौरान राजा बलि यहां आते हैं। केरल का भगवान वामन मंदिर थ्रिक्काकरा मंदिर कब […]

विद्वानों के अनुसार ये पर्व अलग-अलग जगहों पर श्रीकृष्ण जन्म के बाद होने वाली जल पूजा, घाट पूजा और सूरज पूजा के रूप में मनाया जाता है हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जलझूलनी एकादशी कहते हैं। इसे परिवर्तिनी एकादशी व डोल ग्यारस आदि नामों से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान वामन की पूजा की जाती है। इस बार यह एकादशी 29 अगस्त, शनिवार को है। नर्मदापुरम के भागवत कथाकार पं. हर्षित कृष्ण बाजपेयी का कहना है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की घाट पूजा की गई थी। ये पर्व अलग-अलग जगहों पर श्रीकृष्ण जन्म के बाद होने वाले मांगलिक कार्यक्रम जल पूजा, घाट पूजा और सूरज पूजा के रूप में मनाया जाता है। परिवर्तिनी यानी जल झूलनी एकादशी व्रत की विधि और महत्व परिवर्तिनी एकादशी व्रत का नियम पालन दशमी […]

हिंदू पक्ष की मांग है कि विवादित क्षेत्र स्वयंभू विश्वेश्वर का ही अंश है, इसलिए वह इलाका हिंदुओं को सौंप दिया जाए मुस्लिम पक्ष ने लिखित में कोर्ट से कहा है कि विवादित मस्जिद ‘अहल ए सुन्नत’ से वहां कायम है, दावा कि जब से कुरान है, तब से मस्जिद है, जो ऐतिहासिक प्रमाणों के विपरीत है चुनौती है उपासना स्थल अधिनियम जिसके मुताबिक जहां मंदिर है वो मंदिर रहेगा, जहां मस्जिद वो मस्जिद, बस अयोध्या को इससे बाहर रखा गया, लेकिन काशी-मथुरा नहीं 90 के दशक की शुरुआत पूरे देश में एक सांप्रदायिक धमक के साथ हुई थी। राम मंदिर आंदोलन तब अपने चरम पर था और शुरुआती सालों में ही यह इतना विकराल हुआ कि बाबरी मस्जिद गिरा दी गई। ‘अयोध्या तो झांकी है, काशी मथुरा बाकी है’ जैसे नारे उछाले जाने लगे और इसके प्रभाव से महादेव […]

आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र की रचना की था, इस शास्त्र में बताई गई नीतियों को अपनाने से हमारी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं हम जब भी किसी नई जगह घर बनाते हैं या खरीदते हैं तो वहां चाणक्य द्वारा बताई गई एक नीति का ध्यान रखेंगे तो भविष्य कई तरह की परेशानियों से बच सकते हैं। चाणक्य नीति के पहले अध्याय के आठवें श्लोक में लिखा है कि- यस्मिन देशे न सम्मानो न वृत्तिर्न च बांधव:। न च विद्यागमोऽप्यस्ति वासस्तत्र न कारयेत्।। इस श्लोक में 5 ऐसी बातें बताई गई हैं, जिनका ध्यान नई जगह घर बनाते समय या नया घर खरीदते समय ध्यान रखना चाहिए। चाणक्य कहते हैं जिस जगह सम्मान, रोजगार, कोई दोस्त या रिश्तेदार, शिक्षा के साधन न हो, वहां घर बनाने से बचना चाहिए। जिस क्षेत्र के लोगों में कोई गुण न हो, वहां […]

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महाभारत के अश्वमेधिक पर्व में बताई गई हैं सेल्फ कंट्रोल और स्ट्रेंथ जैसी बातें, इनसे ही बनती है परफेक्ट पर्सनालिटी महाभारत में श्रीकृष्ण ने अर्जुन सहित सभी पांडवों को कई ऐसी बातें बताई हैं जो आज भी हर इंसान के लिए खास है। श्रीकृष्ण द्वारा बताई बातें पर्सनालिटी डेवलपमेंट का ही काम करती हैं। महाभारत के अश्वमेधिक पर्व में श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को बताया है कि कुछ काम हर इंसान को अपने डेली रुटीन में शामिल करने चाहिए। जो धार्मिक नजरिये से तो महत्वपूर्ण है ही नैतिक रूप से भी उन बातों का फायदा हर तरह से मिलता है। महाभारत के अश्वमेधिक पर्व के अध्याय 106 के एक श्लोक में श्रीकृष्ण का कहना है कि हर इंसान को अपनी दिनचर्या में दान, सच और तप को शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही मन पर कंट्रोल करने की कोशिश करनी चाहिए। […]

मंदिरों में दर्शन करने के बाद दिनभर खरीदारी और मांगलिक कामों के साथ होती है नए साल की शुरुआत चिंगम महीने के पहले ही सप्ताह में शुरू हो जाता है 10 दिनों का ओणम महोत्सव 17 अगस्त से मलयालम सौर कैलेंडर का नया साल शुरू हो गया। हर साल जब 16 या 17 अगस्त को सूर्य अपनी ही राशि सिंह में आता है तब मलयालम नववर्ष शुरू होता है। मलयालम कैलेंडर के पहले महीने का नाम चिंगम है। इसी महीने में थिरुवोणम नक्षत्र के दिन ओणम पर्व मनाया जाता है। ये नक्षत्र हिंदू कैलेंडर में श्रवण नक्षत्र होता है। चिंगम महीने की शुरुआत के 4 दिन बाद ही अथम नक्षत्र यानी हस्त नक्षत्र से ओणम महोत्सव की शुरूआत हो जाती है। लेकिन इस बार कोरोना के चलते केरल में नए साल की शुरुआत फीकी है। लोग सोशल डिस्टेंस मेंटेन कर […]

सुबह का एक अच्छा विचार आपका पूरा दिन शानदार बना सकता है। अच्छे विचार ना सिर्फ हमें जीवन को देखने का नया नजरिया देते हैं बल्कि हमारे लिए प्रेरणादायक भी रहते हैं। जीवन को लेकर वेदों से संहिताओं तक और चाणक्य से लेकर अरस्तु तक ने अपने विचार रखे हैं। हर सफल आदमी का जीवन को देखने का नजरिया कुछ अलग होता है।

भगवान शिव के 8 स्वरूपों से सीखें जीवन को जीने का सही तरीका क्या है सोमवार दिन है भगवान शिव शंकर की आराधना का। उन्हें ही सृष्टि का पहला गुरु माना गया है। देवगुरु बृहस्पति और दैत्य गुरु शुक्राचार्य दोनों के ही गुरु भगवान शिव हैं। शिव के कई स्वरूप हैं और हर स्वरूप अपने आप में पूर्ण है। शिव को प्रथम अघोर भी कहा गया है। अघोर का अर्थ है जो घोर नहीं है, यानी जो किसी में भेदभाव नहीं करता, जो कभी किसी असमान व्यवहार नहीं करता, जिसके लिए सारी समान है, जो सारे अच्छे-बुरे भावों से मुक्त है। शिव सिखाते हैं कि संसार में इंसान को अघोर होना चाहिए। तभी मोक्ष संभव है। घोर या भेदभाव, भला-बुरा, मेरा-तेरा का भाव आते ही वो मोक्ष के मार्ग से भटक जाता है। शिव के हर स्वरूप से कुछ ना […]